“मोक्ष की नगरी काशी में आपका स्वागत है – बाबा विश्वनाथ के दिव्य दरबार में!

भारत के सबसे पवित्र शिव मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। यह पवित्र गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है और वाराणसी (काशी) की आध्यात्मिक पहचान माना जाता है।
प्रमुख विशेषताएँ
- भगवान शिव यहाँ विश्वनाथ या विश्वेश्वर के रूप में पूजे जाते हैं, जिसका अर्थ है “संपूर्ण विश्व के स्वामी”।
- वर्तमान मंदिर का निर्माण 1780 के आसपास Ahilyabai Holkar द्वारा कराया गया था।
- मंदिर के शिखरों पर स्वर्ण आवरण लगाया गया था, जिसके लिए Maharaja Ranjit Singh का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
- काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर परिसर अधिक विशाल और सुगम हो गया है।
दर्शन स्थल
- मुख्य मंदिर: Shri Kashi Vishwanath Temple
- गंगा द्वार प्रवेश: Shri Kashi Vishwanath Temple Ganga Dwar
धार्मिक मान्यता
हिंदू मान्यता के अनुसार काशी में भगवान शिव का दर्शन और गंगा स्नान अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है। काशी विश्वनाथ को मोक्ष प्रदान करने वाला तीर्थ भी कहा जाता है।


काशी विश्वनाथ मंदिर में ‘स्पर्श दर्शन’ (भगवान शिव को सीधे छूकर पूजा करना) का नियम आम भक्तों के लिए सुबह 4:00 से 5:00 बजे और शाम को 4:00 से 5:00 बजे के बीच होता है。इस दौरान आप गर्भगृह में जाकर ज्योतिर्लिंग को स्पर्श कर सकते हैं। इसके लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है, लेकिन भीड़ के अनुसार व्यवस्था बदल सकती है。 [1, 2, 3]
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मोक्ष की नगरी और महादेव का वास
🕉️ हर हर महादेव 🕉️
श्री काशी विश्वनाथ धाम में आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।
बाबा विश्वनाथ की असीम कृपा, माँ गंगा का पावन आशीर्वाद और काशी की दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल का संचार करे।
ॐ नमः शिवाय।


